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पीएम मोदी की मंत्रियों को सलाह, अयोध्या मामले में कोई गैरजरूरी बयान न दें

लखनऊ। अयोध्या मामले में 17 नवंबर से पहले कभी भी सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ सकता है। आने वाले फैसले को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को मंत्रियों के साथ बैठक में बातचीत की। बैठक में पीएम मोदी ने अपने सभी मंत्रियों को यह निर्देश दिया है कि वे अयोध्या मामले में किसी प्रकार का कोई गैरजरूरी या विवादित बयान न दें।

शांति बनाए रखने की अपील

साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह भी कहा है कि मंत्री अपने संसदीय क्षेत्र जा कर लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करें।
वहीं दूसरी तरफ राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) द्वारा यह तय किया गया है कि वह अयोध्या फैसले से पहले लेफ्ट पार्टियों, तृणमूल कांग्रेस, सपा और राजद सहित अन्य पार्टी के सभी वरिष्ठ नेताओं से बातचीत करेगा।

आरएसएस मुस्लिम सांसदों-विधायकों से भी करेगा बात

इसके साथ ही राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) मुस्लिम सांसदों-विधायकों से भी बात करेगा।

5 नवंबर को भी संघ और भाजपा नेताओं ने कई मुस्लिम नेताओं से मुलाकात की थी।

आरएसएस के वरिष्ठ नेता इंद्रेश कुमार का कहना है कि अयोध्या में 400-500 वर्ष पुराना विवाद अब निपटने में कुछ ही दिन और घंटे शेष बचें हैं।

इस प्रकार जो भी फैसला आएगा, उसमें न ही किसी की जीत होगी और न ही किसी की हार होगी।

इस फैसले को धर्म से भी जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।

2010 में की गयी थी तनाव पैदा करने की कोशिश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 अक्टूबर को रेडियो कार्यक्रम मन की बात में भी अयोध्या मामले पर अपनी बात कही थी। उन्होंने कहा था कि अयोध्या विवाद पर 2010 में तनाव वाला माहौल बनाने की कोशिश की गई थी, पर इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद देश का मूड बदल गया था। उस समय की स्थिति सामान्य करने में राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों ने भी अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया था।

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