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दिसंबर 2021 तक अंतरिक्ष में मानव भेजेगा भारत: इसरो चीफ

नई दिल्ली। चंद्रमा पर दिन ढलने के साथ ही शनिवार को रात का अंधेरा छा गया और इसके साथ ही लैंडर विक्रम का जीवन खत्म हो गया। चंद्रमा की सतह पर लैंडर विक्रम की जिंदगी सिर्फ एक चंद्र दिवस (पृथ्वी के 14 दिन के बराबर) थी। बीते सात सितंबर को चंद्रमा की सतह पर लैंडिंग से महज 2.1 किलोमीटर पहले ही इसका धरती पर स्‍थापित केंद्र से संपर्क टूट गया था। हालांकि इसरो के अध्यक्ष के सिवन ने कहा है कि हमारा चंद्रयान मिशन 98 प्रतिशत सफल रहा है।

के सिवन ने शनिवार को कहा कि देश दिसंबर 2021 तक मनुष्य को अंतरिक्ष में भेजने के अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि चन्द्रयान 2 के ‘लैंडर’ विक्रम को चंद्रमा की सतह पर ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ कराने की इसरो की योजना बेशक पूरी नहीं हो सकी हो लेकिन इसका ‘गगनयान’ मिशन पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

इसरो प्रमुख ने कहा कि दिसम्बर 2021 तक पहला भारतीय हमारे अपने रॉकेट द्वारा ले जाया जाएगा। यह हमारा लक्ष्य है जिस पर इसरो काम कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘भारत के लिए गगनयान मिशन बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह देश की विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्षमता को बढ़ावा देगा। इसलिए हम एक नये लक्ष्य पर काम कर रहे हैं। सिवन ने छात्रों को सोचा समझा जोखिम उठाने और नवाचार करने के लिए प्रेरित किया।’

उन्होंने कहा, ‘यदि आप जोखिम नहीं उठा रहे हैं तो जीवन में कुछ भी महत्वपूर्ण हासिल करने का कोई मौका नहीं होगा लेकिन यदि आप सोच समझकर जोखिम उठाते हो तो आप खुद को समस्याग्रस्त क्षेत्रों से बचा सकते है।’  उन्होंने कहा कि पिछली आधी सदी में हुई प्रगति के बावजूद, गरीबी और भूख, स्वास्थ्य और स्वच्छता और स्वच्छ पेयजल के कई ऐसे मुद्दे जिनका अभी समाधान किया जाना हैं।

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