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कर्मचारी की लड़की पर आया डोसा किंग का दिल, पाने के लिए उठाया ऐसा कदम, मिली उम्रकैद की सज़ा

नई दिल्ली। अपने डोसे की बदौलत दुनियाभर में अपनी एक पहचान बनाने वाले डोसा किंग पी राजागोपाल अब आजीवन सलाखों के पीछे रहेंगे। हत्या के एक मामले में दोषी पाए जाने पर कोर्ट ने उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई है।सजा से बचने के लिए उन्होंने निचली अदालत से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक में अपील की मगर वहां से भी उन्हें राहत नहीं मिली, कोर्ट ने उन्हें दोषी मनाते हुए आजीवन कारावास की सजा बरकरार रखी है।

दरअसल, साल 2000 में राजागोपाल की निगाहें अपने यहां काम करने वाले एक कर्मचारी की बेटी पर पड़ी, वो उसे अपनी तीसरी पत्नी के तौर पर चाहता था। इसके लिए उसने एक ज्योतिषी की सलाह भी ली। जिसके बाद उसने अपने कर्मचारी की बेटी से शादी करने का फैसला किया। राजगोपाल की नजर कर्मचारी की बेटी पर कई दिनों से थी। राजगोपाल कर्मचारी की बेटी के लिए जुनूनी था। वह युवती पहले से शादीशुदा थी और उसने पहले ही राजगोपाल का प्रस्ताव ठुकरा दिया था, लेकिन राजगोपाल को ना सुनने की आदत नहीं थी।

इसी बीच वह युवती को महंगे उपहार, ऊंची कीमतों वाले जेवरात भी भिजवाता रहा लेकिन जब युवती नहीं मानी तो राजागोपाल ने उसके पति की लड़ाई करवाने की कोशिश की और उसके पति से उससे रिश्ता करने तोड़ने की बात की लेकिन पति ने ऐसा करने साफ मना कर दिया जिसके बाद राजागोपाल ने महिला के पति का अपहरण करवाकर उसकी हत्या करवा दी। 2004 में राजगोपाल को दोषी पाया गया और उसे 10 साल की सजा सुनाई गई। सुप्रीम कोर्ट में अपील करने पर उसे हत्या का दोषी पाया गया और शीर्ष कोर्ट ने सजा को उम्रकैद में बदल दिया।

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