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एक फैसले से बदल गई इन चार खूबसूरत लड़कियों की ज़िंदगियां, रोता रहा पूरा गांव

नई दिल्ली। पिछले कुछ समय में देश की कई लड़कियों ने सांसारिक सुख त्यागकर जैन धर्म अपनाया है। कुछ ऐसा ही किया हिसार के माजरा गांव की रहने वाली लड़कियों ने। इन लड़कियों ने समस्त सांसारिक सुखों का त्याग कर जैन परंपरानुसार दीक्षा ग्रहण कर ली। गांव माजरा के सरकारी स्कूल में रविवार को भारी भीड़ के बीच गांव खेड़ी जालब की तीन और दिल्ली की एक युवती ने जैन धर्म की दीक्षा ग्रहण की। खास बात ये है कि खेड़ी जालब की तीनों युवतियां किसान परिवारों से ताल्लुक रखती हैं जबकि दिल्ली निवासी युवती के पिता व्यापारी हैं।

चारों दुल्हन के लिबाज में घर से निकलीं। उन्होंने जमकर जश्न मनाया और पलभर में उसने अपने बाल मुंडवाते हुए सफेद कपड़े धारण कर लिए और देखते ही देखते वो संन्यासिन बन गईं। यहां करीब चार महीने पहले ही जैन समुदाय का स्थानक बनकर तैयार हुआ है। वहां ये युवतियां लगातार आयोजनों में शिरकत करती थीं और उसे से प्रभावित हो इन्होंने भक्ति मार्ग चुना।

समता दिल्ली के उत्तम नगर की रहने वाली है। उसके पिता अशोक कन्फेक्शनरी की दुकान चलाते हैं। 20 वर्षीय समता ने बीकॉम किया है। वह चार्टर्ड अकाउंटेंट बनना चाहती थी मगर धीरे-धीरे वह जैन धर्म की ओर आकर्षित होती चली गई। इन लड़कियों ने जैन धर्म की दीक्षा ग्रहण करने से पहले सोलह शृंगार करके चारों अलग-अलग रथों पर सवार हुईं। धर्म मुनि के आदेश पर चारों को अपने परिजनों से इस चोले में आखिरी बार मिलने को कहा। इस पर लोगों की आंखों से आंसू छलकने लगे।