Friday , 9 December 2016

नोटबंदी से आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री नाखुश

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Chandrababu Naidu

विजयवाड़ा | उच्च मूल्य के नोटों को अमान्य घोषित किए जाने के 12 दिनों बाद भी लोगों की परेशानी कम नहीं होने पर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने रविवार को अपनी अप्रसन्नता जाहिर की। उन्होंने कहा कि अपने राजनीतिक जीवन में उन्होंने ऐसी स्थिति कभी नहीं देखी कि कोई एक समस्या इतने दिनों में हल न हुई हो।

लोगों की परेशानी जारी रहने को नायडू ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उनकी तेलुगू देशम पार्टी (तदेपा) केंद्र में भाजपानीत राजग सरकार में सहयोगी दल है।

नोटबंदी के मद्देनजर स्थिति की समीक्षा के लिए रविवार को यहां आयोजित एक बैठक में उन्होंने कहा कि गरीब से लेकर अमीर तक, समाज के सभी वर्ग प्रभावित हैं।

काफी लंबे समय से नायडू 500 और 1000 रुपये के नोटों को बंद करने की मांग कर रहे थे और गत महीने उन्होंने इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र भी लिखा था। उन्होंने कहा कि लोगों को तुरंत राहत पहुंचाने के लिए अधिकारियों को वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों, भारतीय रिजर्व बैंक के अधिकारियों, बैंकरों की राज्यस्तरीय समिति (एसएलबीसी) और वित्त विभाग के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए स्थिति की समीक्षा की।

नायडू ने कहा कि इस संकट की घड़ी में लोगों की परेशानी कम करने के लिए सभी संबद्ध अधिकारियों को काफी तालमेल के साथ काम करना चाहिए। लोगों की समस्याओं पर ध्यान देने के लिए उन्होंने सभी बैंकों को कॉल सेंटर स्थापित करने की सलाह दी।

मुख्यमंत्री के अनुसार, भारतीय रिजर्व बैंक ने उन्हें सूचित किया है कि राज्य को 2000 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं जिनमें 400 करोड़ की राशि 100 रुपये के नोटों में हैं।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जनधन खाता रूपे कार्ड से जोड़ने को कहा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के सभी लेनदेन नकद रहित होने चाहिए।

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