Saturday , 3 December 2016

रामगोपाल यादव की सपा में वापसी, सारे पद भी बहाल

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रामगोपाल यादव, सपा से छह वर्ष के लिए निष्काएसित, सपा में वापसी, सारे पद भी बहाल

ramgopal yadav

बने रहेंगे राज्‍यसभा में पार्टी के नेता

लखनऊ। कुनबे की जंग के कारण समाजवादी पार्टी से छह वर्ष के लिए निष्‍कासित किए गए प्रो. रामगोपाल यादव को दोबारा पार्टी में शामिल कर लिया गया है। वापसी के साथ ही उनके सारे पद भी बहाल कर दिए गए हैं. पहले की ही तरह रामगोपाल को सपा के महासचिव व प्रवक्ता पद की जिम्मेदारी सौंप दी गई है। वह पार्टी के केंद्रीय संसदीय बोर्ड के सदस्य भी रहेंगे। रामगोपाल को अक्टूबर महीने में ही पार्टी से निकाला गया था।

सपा महासचिव, केंद्रीय संसदीय बोर्ड सदस्‍य व प्रवक्‍ता पद भी बहाल

सपा की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया, ‘प्रोफेसर रामगोपाल यादव का समाजवादी पार्टी से किया गया निष्कासन तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाता है। प्रोफेसर रामगोपाल यादव राज्यसभा में समाजवादी पार्टी संसदीय दल के नेता, पार्टी के महासचिव/प्रवक्ता तथा पार्टी के केंद्रीय संसदीय बोर्ड सदस्य के रूप में कार्य करते रहेंगे।’ इस प्रेस विज्ञप्ति के ऊपर पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव के हस्ताक्षर हैं।

पार्टी द्वारा अपना निष्कासन रद्द किए जाने पर प्रतिक्रिया करते हुए रामगोपाल यादव ने बताया, ‘यह तो होना ही था। पार्टी में वापसी है, नेताजी की कृपा है। नेताजी कभी मेरे खिलाफ नहीं थे।’ उन्होंने आगे कहा, ‘मैं तो घर में ही था। तकनीकी तौर पर पार्टी से निकाल दिया गया था, पर मैं तो पार्टी में हमेशा से था।’

रामगोपाल ने यह भी कहा कि उन्होंने पार्टी लाइन से अलग जाकर कभी भी कुछ नहीं किया। कुछ दिनों पहले ही उन्‍होंने मीडिया में खुद को पार्टी से निकाले जाने के प्रति दुख जताया था। इस मौके पर बोलते हुए वह भावुक होकर रो पड़े थे।

मालूम हो कि समाजवादी पार्टी के अंदर अधिकार और प्रभाव को लेकर छिड़ी उठापटक में रामगोपाल को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अपने चाचा शिवपाल यादव के साथ हुई तकरार में रामगोपाल खुलकर अखिलेश के साथ खड़े हुए थे। इसका खामियाजा उन्हें और उनके बेटे अक्षय यादव, दोनों को ही भुगतना पड़ा था। अक्षय यादव फिरोजाबाद से समाजवादी पार्टी के सांसद हैं।

बताया जा रहा था कि अखिलेश और शिवपाल के बीच छिड़ी जंग के पीछे असली दिमाग रामगोपाल का ही चल रहा है। अखिलेश को जहां रामगोपाल का साथ मिल रहा था, वहीं विरोधी खेमे में शिवपाल और अमर सिंह नजर आ रहे थे। इसी बीच मुलायम ने खुद रामगोपाल को पार्टी से निलंबित करने का ऐलान किया था। अब फिर उन्हें पार्टी में वापस लिए जाने का फैसला किया गया है।

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