Tuesday , 6 December 2016

दमदार है दुर्गा रानी सिंह की कहानी 2 की कहानी: पढ़े रिव्यू

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कहानी, विद्या बालन, अर्जुन रामपाल, सुजॉय घोष, थ्रिलर ड्रामा, पेन इंडिया लिमिटेड

कहानी 2

स्टार कास्ट: विद्या बालन, अर्जुन रामपाल

डायरेक्टर: सुजॉय घोष

प्रोड्यूसर: पेन इंडिया लिमिटेड

संगीत: क्लिंटन सेरेजो

जॉनर:  थ्रिलर ड्रामा

नर्देशक सुजॉय घोष एक बार फिर से कुछ अलग हट कर लाए है। इससे पहले वो 2012 में कहानी लेकर आए थे लेकिन कहानी 2 की कहानी बिल्कुल अलग है। जिसमें मुख्य किरदार में विद्या बालन और अर्जुन रामपाल नजर आएंगे। यह मूवी एक सस्पेंस थ्रिलर है और देखते वक्त मन में जिज्ञासा पैदा करती है।

कहानी

ये कहानी शुरू होती है कोलकाता के पास स्थित एक छोटे से शहर चंदनपुर में रह रही विद्या सिन्हा (विद्या बालन) से जो अपनी छोटी बेटी मिनी के साथ खुशी-खुशी रह रही है। मिनी पैरालाइज्ड (लकवाग्रस्त) है इसलिए वो चल फिर नहीं सकती है। इसके बावजूद वो दोनों खुश हैं। विद्या की एक मिडिल क्लॉस महिला की तरह रोज नए-नए संघर्ष से जूझती है। उसका बस एक ही सपना है कि उसकी बेटी का इलाज हो जाए और वो अपनी बेटी को दोबारा से चलता-फिरता देख सके। अपनी बेटी मिनी का इलाज कराने के लिए विद्या उसे अमेरिका ले जाने की तैयारी करती है। और तभी एक दिन विद्या की बेटी मिनी किडनैप हो जाती है।

उसी दौरान विद्या का एक्सीडेंट हो जाता है और वो कोमा में चली जाती है। इसके बाद एंट्री होती है सब इंस्पेक्टर इन्द्रजीत सिंह की और फिर शुरू होता है विद्या और दुर्गा रानी सिंह के बीच का खुलासा। इन्द्रजीत को पता चलता है कि एक महिला का कालीम्पोंग के स्कूल की क्लर्क चेहरा दुर्गा रानी सिंह से मिलता है। विद्या रानी सिंह किडनैपिंग और मर्डर केस में वॉन्टेट है और वह फरार है। बहुत सारे ट्विस्ट और टन्र्स आते हैं और अंतत: एक बड़ा सस्पेंस सामने आता है। इसके बाद विद्या अपनी बेटी से मिलती है या नहीं। ये आपको मूवी देख कर पता चलेगा।

अभिनय

फिल्म में विद्या के लुक एकदम सादा और ग्लैमर से दूर है। प्रमोशन पाने की चाहत रखने वाले इंस्पेक्टर के रोल में प्रभावित करते हैं। अगर आपको थ्रिलर मूवीज पसंद हैं और आप विद्या बालन के कायल हैं तो कहानी 2 को एक बार देखना तो बनता है।

स्क्रीनप्ले

फिल्म की शुरुआत बेहद दिलचस्प तरीके से शुरू होती है और इंटरवल तक स्टोरी आपको बांध कर रखने में कामयाब होती है। लेकिन इंटरवल के बाद कहानी की रफ्तार थोड़ी धीमी हो जाती है।

म्यूजिक…

फिल्म का म्यूजिक और बैकग्राउंड क्लिंटन सेरेजो ने दिया है, जो बहुत ही अच्छा है।विद्या बालन और फिल्म की कहानी के लिए एक बार जरूर थिएटर तक जा सकते हैं। बहुत अच्छा मैसेज भी सामने आता है, जिसे आप परिवार के साथ देखेंगे तो ज्यादा प्रभाव पड़ेगा।

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