Tuesday , 6 December 2016

ऑडियो टेप में है भोपाल एनकाउंटर का सच!

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bhopal encounter

एनकाउंटर के न्‍यायिक जांच के आदेश

नई दिल्ली। भोपाल केंद्रीय जेल से 30 और 31 अक्टूबर की दरम्यानी रात प्रतिबंधित संगठन सिमी (स्टुडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया) के आठ आतंकवादियों के भागने और कुछ ही घंटों बाद पुलिस एनकाउंटर में उनकी मौत की घटना के मामले में दो ऑडियो टेप सामने आए हैं।

हालांकि मध्यप्रदेश सरकार ने घटना की न्यायिक जांच कराने का आदेश दे दिया है। ऑडियो में कथित तौर पर एनकाउंटर में शामिल पुलिसकर्मियों की बातें सुनाई दे रही हैं, जिसमें एक कह रहा है कि ‘घेर के कर दो पूरा काम तमाम।‘

उस टेप में एक व्यक्ति यह कहते हुए सुना जा सकता है कि दूसरी ओर से फायरिंग शुरू हो गई है। वह पुलिसवालों को पोजिशन लेने को कहता है। उन लोगों को घटनास्थल पर पहुंच कर पुलिस टीम से संवाद के लिए वायरलेस सेट का कम इस्तेमाल करने और मोबाइल फोन का प्रयोग करने को कहा गया है।

एक अंग्रेजी समाचार पत्र में छपी खबर के अनुसार, इस मामले की जांच कर रहे एसपी (सीआईडी) अनुराग शर्मा से पूछा गया तो उन्होंने ऑडियो टेप की प्रमाणिकता पर कोई सवाल नहीं किया। उन्होंने कहा कि वह अपनी जांच में सभी चीजों को शामिल करेंगे। उन्होंने कहा कि अभी तक उन्होंने टेप सुना नहीं है।

9 मिनट की ऑडियो टेप के सबसे अंत में सुना गया- पटेल साहब निपटा दो। एक जगह सुना गया- उनको जल्दी निपटा दो। क्योंकि एक वरिष्ठ अधिकारी वहां पहुंचने वाला था। ऑडियो में मुठभेड़ के दौरान आतंकियों के मारे जाने पर जश्न मनाने और एक दूसरे को बधाई देने की आवाजें सुनाई देती हैं।

ऑडियो टेप में एनकाउंटर के दौरान कंट्रोल रूम और ऑपरेशन में शामिल जवानों के बीच बातचीत भी है। बातचीत का अंश इस प्रकार है- उन सभी को चारों ओर से घेर लो। वे जिंदा नहीं बचने चाहिए। कॉन्ग्रैट्स आन्‍थो मार गए डीएसपी क्राइम ने बताया…बहुत अच्छा…बीच में पडे़ हैं।

माइक 1 और सिग्मा (कोड नेम) के बीच बातचीत भी उस ऑडियो में है। जिसमें दोनों के बीच बातचीत के अंश ऐसे हैं- आगे बढ़ो, बिल्कुल नहीं पीछे हटना है। और जितने चार्ली हैं उनको भी बताओ, घेर के कर दो पूरा काम तमाम।

एक को कहते सुना गया कि आए हैं सर, 5 को गोली लग गई है, चलो शाबाश, कोई दिक्कत नहीं है, हम लोग पहुंच रहे हैं। एक व्यक्ति को एंबुलेंस की मांग करते सुना गया। उसने कहा कि दो से तीन एंबुलेंस खेजरावाड़ी भेजो। इलाज में कितना पैसा खर्चा होगा। एक जगह सुना गया- कोई जिंदा रहना चाहिए।

‘सर को बताओ, आठो मारे गए। एनकाउंटर सफल हो गया। ओवर। अभी मीडिया भी नहीं पहुंची होगी, मीडिया में भी दम नहीं है।’ गौरतलब है कि भोपाल केंद्रीय जेल से 30 और 31 अक्टूबर की दरम्यानी रात सिमी के आठ आतंकवादी भाग गए थे, जिनको बाद में पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया।

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