Saturday , 10 December 2016

अच्छा स्वास्थ्य चाहिए तो जमीन पर बैठकर खाएं खाना

Share on FacebookTweet about this on TwitterShare on Google+Share on LinkedIn

eating

समय के साथ-साथ हमारी आदतों व जीवनशैली में बदलाव आता है और यह सब कुछ हद तक सही भी है, समाज के साथ चलना ही प्रगति कहलाती है। आजकल हम मेज कुर्सी इत्यादि पर बैठकर खाना खाने के शौकीन होते जा रहे हैं लेकिन पहले के जमाने के लोग जमीन पर बैठकर ही खाना खाते थे यहां तक पहले समय में राजा महाराजा भी जमीन पर बैठकर ही खाना खाते थे। यह हमारे आदतों की बात नहीं है इसके पीछे भी छुपे ऐसे कई अनगिनत राज है जो हमें लाभ पहुंचाते हैं।
जमीन पर बैठकर खाना खाने से बहुत सारे लाभ मिलते हैं जो हमारे शरीर के लिए बहुत ही लाफदायक होते हैं, अब आइये हम आपको भी ऐसे ही बहुत से फायदे बताने जा रहे हैं कि जमीन पर बैठकर खाना खाने से क्या-क्या लाभ होते हैं और आप भी ये लाभ जानकर जमीन पर बैठकर खाना खाने की आदत डाल लें। और स्वस्थ रहें।
पालथी मार के बैठे
आप लोगों ने सुखासन योग के बारे में सुना ही होगा जिसे पालथी बनाकर बैठकर किया जाता है, जमीन पर बैठकर खाना खाते समय भी हम पालथी बनाकर बैठते हैं जिससे हमारा शरीर लचीला बनता है और हमारा मन भी शांत रहता है। और इसके अलावा जमीन पर बैठने से हमारे शरीर का तनाव भी खत्म हो जाता है।
मोटेपन से मिलती है निजात
आज के ऐसे खान पान के कारण लोगों में मोटापा बढऩे लगा है लेकिन आप लोगों को शायद यह नहीं पता होगा की अगर हम सभी लोग जमीन पर बैठकर खाना खाना शुरु कर दें तो हमें ऐसे मोटापे से निजात मिल सकती है।
पाचन क्रिया रहती है दुरुस्त
अगर हम ध्यान दें तो जमीन पर बैठकर खाना खाते समय हमारा शरीर आगे की तरफ झुका हुआ होता है और फिर सीधी मुद्रा में आता है ऐसे में हमारे शरीर में पाचन क्रिया सही रहती है जिससे कि हमें अपच की परेशानी नहीं होती। और हमें पेट संबंधी समस्याओं से निजात मिलती है।
हमारे अंदर खून का बहाव निरन्तर बना रहता है
जमीन पर बैठकर खाना खाने से हमारे शरीर में खून का बहाव सही होता है जिससे पाचन क्रिया सही रहती है और हमारे शरीर में तंदुरुस्ती बनी रहती है। जैसा कि हम जानते हैं पेट सही तो सब सही। लगभग सारी बीमारियां पेट की खराबी से ही पनपती हैं।
घर परिवार के लोगों में बढ़ती है प्रेम भावना
जमीन पर बैठ कर खाने से एक और जो लाभ होता है वह है कि परिवार के सदस्यों प्रेम और सौहाई की भावना जागृत होती है। जब हम कई लोग एक साथ जमीन पर बैठ कर खाना खाते हैं तो एक दूसरे की भावनाओं को समझते हैं अगर कोई ऐसी बात होती है तो आपस में एक दूसरे से उस विषय पर सलाह मशवरा भी कर लेते हैं। इससे परिवार के सदस्यों की आपसी मदद के साथ-साथ उनके तर्क वितर्क से हमें कई प्रकार की समस्याओं से भी निजात मिलती है। और साथ ही अपने परिवार के साथ बैठकर खाने से परिवार के लोगों में आपसी प्यार बढ़ता है।

About Dileep Kumar

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

Time limit is exhausted. Please reload the CAPTCHA.

Free WordPress Themes - Download High-quality Templates