Wednesday , 26 April 2017

वाम दलों के बंद के कारण त्रिपुरा में जनजीवन ठप

 

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Tripura

अगरतला| वाम दलों द्वारा नोटबंदी के विरोधस्वरूप पूर्वोत्तर राज्य त्रिपुरा में सोमवार को आहूत बंद के कारण यहां जनजीवन ठप हो गया है। मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेतृत्व में वाम दलों द्वारा 500 और 1,000 रुपये के नोट बंद किए जाने के खिलाफ सुबह से शाम के बंद का आह्वान किया गया है।

बंद के कारण सरकारी और अर्ध सरकारी, निजी कार्यालय, बैंक, शैक्षिक संस्थान, दुकान और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद हैं। सुरक्षा बलों के वाहनों को छोड़कर अन्य सभी वाहन सड़कों से नदारद हैं।

अगरतला, गुवाहाटी, कोलकाता और नई दिल्ली के बीच विमानों का सामान्य रूप से संचालन किया जा रहा है। बंद के कारण त्रिपुरा और देश के शेष भागों के बीच रेल सेवाओं पर भी असर पड़ा, क्योंकि वाम दलों के कार्यकर्ताओं ने राज्य के विभिन्न स्थानों पर कई रेलों को रोक दिया।

पुलिस प्रवक्ता उत्तम कुमार भौमिक ने  बताया, “राज्य में कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। पूरे राज्य में बंद शांतिपूर्ण रहा।” तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस समेत विपक्षी पार्टियों ने बंद का विरोध किया है। उन्होंने इसी मुद्दे के विरोध में शाम को रैलियां निकालने का फैसला किया है।

वहीं, भाजपा कार्यकर्ताओं ने स्थानीय नेताओं के नेतृत्व में राज्य के विभिन्न स्थानों पर बंद के विरोध में कई रैलियां निकालीं और लोगों से राज्य में सामान्य स्थिति बनाए रखने की अपील की।

त्रिपुरा वाम मोर्चा संयोजक और लोकसभा के पूर्व सदस्य खगेन दास ने कहा, “केंद्र सरकार के आठ नवंबर के नोटबंदी के खिलाफ अखिल भारतीय विरोध के हिस्से के तौर पर हमने त्रिपुरा के लोगों से पूरे राज्य में 12 घंटे का बंद रखने का आग्रह किया है। हड़ताल पूरी तरह सफल रही।”

त्रिपुरा के पूर्व स्वास्थ्य और राजस्व मंत्री दास ने कहा कि मोदी के नोटबंदी के फैसले से गरीब, किसान, असंगठित मजदूर और छोटे तथा मध्यम वर्ग के व्यापारी सबसे ज्यादा पीड़ित हुए हैं।

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