Wednesday , 26 April 2017

भारत बंद का त्रिपुरा के जनजीवन पर असर

 

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TRIPURA

अगरतला| वाम दलों द्वारा नोटबंदी के विरोधस्वरूप पूर्वोत्तर राज्य त्रिपुरा में सोमवार को आहूत 12 घंटे के बंद के कारण यहां जनजीवन ठप हो गया है। मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेतृत्व में वाम दलों द्वारा 500 और 1,000 रुपये के नोट बंद किए जाने के खिलाफ सुबह से शाम तक बंद का आह्वान किया गया है।

पुलिस ने कहा कि राजनीतिक दलों के 1,500 से अधिक कार्यकर्ताओं को सरकारी कार्यालयों और रेलवे स्टेशनों के सामने धरना देने के कारण गिरफ्तार किया गया है। बंद के कारण सरकारी और अर्ध सरकारी और साथ ही निजी कार्यालय, बैंक, शैक्षिक संस्थान, दुकान और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद हैं।सुरक्षा बलों के वाहनों को छोड़कर अन्य सभी वाहन सड़कों से नदारद हैं। बंद के कारण अगरतला में विमानों की आवाजाही पर कोई असर नहीं पड़ा।

लेकिन, बंद के कारण त्रिपुरा और देश के शेष भागों के बीच रेल सेवाओं पर भी असर पड़ा, क्योंकि वाम दलों के कार्यकर्ताओं ने राज्य के विभिन्न स्थानों पर कई रेलगाड़ियां रोक दी। पुलिस प्रवक्ता उत्तम कुमार भौमिक ने बताया, “बंद शांतिपूर्ण है।” तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस समेत विपक्षी पार्टियों ने बंद का विरोध किया है। उन्होंने इसी मुद्दे के विरोध में शाम को रैलियां निकालने का फैसला किया है।

वहीं, भाजपा कार्यकर्ताओं ने बंद के विरोध में राज्य के विभिन्न स्थानों पर कई रैलियां निकालीं। त्रिपुरा वाम मोर्चा संयोजक और लोकसभा के पूर्व सदस्य खगेन दास ने कहा, “बंद पूर्ण और सफल रहा।” त्रिपुरा के पूर्व स्वास्थ्य और राजस्व मंत्री दास ने कहा कि मोदी के नोटबंदी के फैसले से गरीब, किसान, असंगठित मजदूर और छोटे तथा मध्यम वर्ग के व्यापारी सबसे ज्यादा पीड़ित हुए हैं।

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