Wednesday , 26 April 2017

किसानों को एक्सप्रेस-वे नहीं गांवों का विकास चाहिए : रालोद

राष्ट्रीय लोकदल, एक्सप्रेस-वे, प्रदेश अध्यक्ष डॉ़ मसूद अहमद,

RLD

लखनऊ | राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के प्रदेश अध्यक्ष डॉ़ मसूद अहमद ने सोमवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि किसानों और मजदूरों को एक्सप्रेस-वे नहीं बल्कि गांवों का विकास चाहिए, जो सपा सरकार के कार्यकाल में नहीं हुआ।

उन्होंने कहा कि आगरा एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन पर सुखोई विमान का प्रदर्शन और यमुना एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन में साइकिल चलाना अपने आप में विरोधाभासी है। यहां पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने यह बातें कही।

डॉ़ अहमद ने कहा कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में बसपा और सपा ने अंबेडकर ग्राम और लोहिया ग्राम के नाम पर धन की बंदरबांट की है।

उन्होंने कहा कि सूबे के 90 प्रतिशत धान क्रय केंद्र बंद पड़े हैं। नोटों के अभाव में धान की खरीद नहीं हो पा रही है। ऐसी दशा में किसानों को अपना धान औने पौने दाम पर बेचना पड़ रहा है, क्योंकि उसे रबी फसलों की बुवाई करनी है। साथ ही अपने परिवार का पेट भी पालना है।

रालोद के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि इस समय प्रदेश के लाखों मजदूर, भुखमरी की मार झेल रहे हैं, क्योंकि केंद्र सरकार की नोटबंदी के फैसले से हजारों कारखाने भी बंद हो गए हैं।

डॉ़ अहमद ने कहा कि रालोद पांच दिसंबर को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर किसानों के कर्ज माफ करने और कृषि बजट बढ़ाने की मांग करेगा।

उन्होंने कहा, “ग्लोबल वार्मिग के फलस्वरूप किसानों की फसलें विशेष रूप से प्रभावित होती हैं। इसलिए मौसम के दुष्प्रभाव एवं फसल की अच्छी पैदावार बढ़ाने के लिए कृषि के संसाधनों की बढ़ोत्तरी बहुत जरूरी है। साथ ही किसानों की स्थिति को देखते हुए उनके कर्जे भी माफ होने चाहिए, क्योंकि जब तक किसान कर्ज से मुक्त नहीं होगा तब तक तनमन से खेती करना संभव नहीं है।”

रालोद नेता ने मांग करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री की दृष्टि में जो कालाधन एकत्र हुआ है, उसे किसानों और मजदूरों को बांट दिया जाए, क्योंकि यह उन्हीं के खून पसीने की कमाई है।

 

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