Monday , 24 April 2017

आईसएल : अपने अंतिम मैच में कोलकाता से भिड़ेगा पुणे

 

आईसएल, एफसी पुणे, कोलकाता

KOLKATA VS PUNE

कोलकाता | एफसी पुणे सिटी के कोच एंटोनियो हाबास ने हीरो इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के तीसरे सीजन में पहली बार अपने पुराने गढ़ कोलकाता का रुख किया है, लेकिन वह अपने पूर्व क्लब एटलेटिको दे कोलकाता के लिए कोई चिंता पैदा नहीं कर सकते, क्योंकि वह पहले ही सेमीफाइनल में पहुंच चुका है।

पुणे की टीम रवींद्र सरोवर मैदान पर अपना अंतिम लीग मैच शुक्रवार को खेलेगी। हाबास ने कोलकाता के साथ दो सफल साल बिताए हैं। पहले सीजन में वह इस क्लब को खिताब दिलाने में सफल रहे थे जबकि दूसरे सीजन में वह अपनी टीम को लेकर सेमीफाइनल तक गए थे लेकिन चेन्नयन एफसी के हाथों उनकी टीम को हार मिली थी। बाद में चेन्नई ने दूसरे सीजन का खिताब जीता था।

पुणे की टीम इस साल सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो चुकी है। एसे में उसके पास भी खोने को कुछ नहीं है। कोलकाता सेमीफाइनल में पहुंच चुका है, लिहाजा उसके पास चिंता का कोई कारण नहीं है। ऐसे में यह मुकाबला काफी रोचक होगा क्योंकि हाबास अपनी पुरानी टीम को हराकर कई चीजें साबित करना चाहेंगे।

पुणे की टीम 13 मैचों से 15 अंक लेकर आठ टीमों की तालिका में छठे स्थान पर है। हाबास इस सीजन में अपनी टीम के खेल से खुश नहीं हैं। निलंबन के कारण वह शुरुआत के चार मैचों के दौरान टीम के साथ नहीं थे और जब वह वापस लौटे तब भी अपने खिलाड़ियों को प्रेरित नहीं कर सके।

पुणे की टीम लगातार तीसरे साल सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई नहीं कर सकी है। इससे हाबास को व्यक्तिगत झटका लगा है। दूसरी ओर, कोलकाता ने लगातार तीसरे साल सेमीफाइनल में जगह बनाई है और ऐसा करने वाली यह पहली टीम बन गई है।

नए कोच जोस मोलिना ने साबित किया है कि वह हाबास की ही तरह सफल कोच हैं और अब उनका मकसद टीम को एक कदम और आगे ले जाना है। कोलकाता ने भले ही प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई कर लिया हो लेकिन घर में उसका प्रदर्शन इस सीजन में अच्छा नहीं रहा है। उसने घर में इस सीजन में सिर्फ सात अंक जुटाए हैं जबकि 2015 में उसने घर में 12 और 2014 में 10 अंक जुटाए थे।

इस टीम को घर में छह में से सिर्फ एक जीत मिली है। उसे चार मैच ड्रॉ किए हैं और एक मैच में उसे हार मिली है। अगर यह टीम पुणे से हार जाती है तो आईएसएल इतिहास में उसका यह घर में सबसे खराब प्रदर्शन होगा।

मोलिना और उनके खिलाड़ी हालांकि इस अनचाहे रिकार्ड को दूर ही रखना चाहेंगे और खासतौर पर ऐसे में जबकि विपक्षी टीम का कोच हाबास हों, क्योंकि इस कोच के समय में कोलकाता ने घर में सफलता के कई स्वाद चखे थे।

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